Structured Veterinary Management से लाभकारी पशुपालन | Pashupalan
यह ब्लॉग बताता है कि Trial-and-Error पशुपालन कैसे नुकसान करता है और Structured Veterinary Management अपनाकर दूध उत्पादन, प्रजनन क्षमता, पशु स्वास्थ्य और मुनाफा कैसे बढ़ाया जा सकता है।
यह ब्लॉग बताता है कि Trial-and-Error पशुपालन कैसे नुकसान करता है और Structured Veterinary Management अपनाकर दूध उत्पादन, प्रजनन क्षमता, पशु स्वास्थ्य और मुनाफा कैसे बढ़ाया जा सकता है।
गाय-भैंस की देशी और विदेशी नस्लों में क्या फर्क है? दूध उत्पादन, देखभाल, तापमान सहनशीलता और रोग-प्रतिरोधकता के आधार पर जानिए कौन-सी नस्ल आपके क्षेत्र के लिए उपयुक्त है।
पशु चारे की बढ़ती कीमतों में समाधान – वैकल्पिक चारा उत्पादन तकनीकें → आज की आर्थिक स्थिति में हर किसान के लिए उपयोगी।
जानिए पशुओं में होने वाली आम बीमारियाँ जैसे खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, बवासीर, अफरा, बुखार, टिक-संक्रमण आदि की शुरुआती पहचान और घरेलू बचाव के तरीके। यह लेख हर पशुपालक के लिए उपयोगी है।
जानिए जैविक पशुपालन क्या है, इसमें पशुओं को कैसे प्राकृतिक आहार और हर्बल उपचार दिए जाते हैं, तथा यह किसानों के लिए रासायनिक मुक्त दूध उत्पादन का लाभदायक मॉडल कैसे बन रहा है।
जानिए देशी गायों से जुड़ा सस्ता और लाभदायक आर्थिक मॉडल — चारा प्रबंधन, जैविक उत्पाद, पंचगव्य, गोबर-गैस, और A2 दूध आधारित कम लागत वाला डेयरी व्यवसाय कैसे सफल बनाया जा सकता है।
क्या आप पशुपालक, कम्पाउंडर, पशु चिकित्सक या विद्यार्थी हैं? तो यह लेख आपके लिए है! जानिए कैसे आप अपने पशु को निशुल्क डायरेक्टरी में लिस्ट कर सकते हैं और अपने अनुभव, ज्ञान या सुझाव को ब्लॉग के रूप में अपने नाम से प्रकाशित कर सकते हैं।
जानिए कैसे NGO और समाजसेवी संगठन पशुपालन को सेवा और सह-अस्तित्व के रूप में पुनर्जीवित कर रहे हैं। Shristi Mitraa जैसे ट्रस्ट, UdaanGhar और Bird Rescue जैसे प्रोजेक्ट के माध्यम से करुणा-आधारित पशुपालन को बढ़ावा दे रहे हैं।
राजस्थान सरकार द्वारा संचालित पशुपालन विभाग (Department of Animal Husbandry, Rajasthan) राज्य के पशुपालकों के लिए अनेक योजनाएँ चला रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य है — पशुधन की सुरक्षा, नस्ल सुधार, रोग नियंत्रण, आर्थिक सहायता और आधुनिक पशुपालन को बढ़ावा देना।