देशी बनाम विदेशी नस्लें – आपके क्षेत्र के लिए कौन सी गाय या भैंस सही है?
गाय-भैंस की देशी और विदेशी नस्लों में क्या फर्क है? दूध उत्पादन, देखभाल, तापमान सहनशीलता और रोग-प्रतिरोधकता के आधार पर जानिए कौन-सी नस्ल आपके क्षेत्र के लिए उपयुक्त है।
गाय-भैंस की देशी और विदेशी नस्लों में क्या फर्क है? दूध उत्पादन, देखभाल, तापमान सहनशीलता और रोग-प्रतिरोधकता के आधार पर जानिए कौन-सी नस्ल आपके क्षेत्र के लिए उपयुक्त है।
पशु चारे की बढ़ती कीमतों में समाधान – वैकल्पिक चारा उत्पादन तकनीकें → आज की आर्थिक स्थिति में हर किसान के लिए उपयोगी।
जानिए पशुओं में होने वाली आम बीमारियाँ जैसे खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, बवासीर, अफरा, बुखार, टिक-संक्रमण आदि की शुरुआती पहचान और घरेलू बचाव के तरीके। यह लेख हर पशुपालक के लिए उपयोगी है।
इस ब्लॉग के पहले भाग में दूध देने वाले पशुओं में होने वाली 7 प्रमुख बीमारियों—बुखार, अफारा, अपच/रूमेन ठहराव, कीटोसिस, मिल्क फीवर, मास्टाइटिस और Repeat Breeding—का डॉक्टर-स्तरीय विवरण दिया गया है। प्रत्येक रोग के कारण, लक्षण, रोग पहचान संकेत, Differential Diagnosis, जाँच और उपचार
इस ब्लॉग के दूसरे भाग में FMD, LSD, Pneumonia, बछड़ों में दस्त, एसिडोसिस, गर्मी का तनाव और आंतरिक–बाहरी परजीवी रोगों का विस्तृत अध्ययन दिया गया है। फील्ड वेटरिनरी डॉक्टर और पशुपालकों दोनों के लिए यह लेख एक व्यवस्थित क्लिनिकल मार्गदर्शन प्रदान करता है।
इस अंतिम भाग में Navel ill, Retained Placenta, Gastroenteritis, Pink Eye, Anestrus तथा Tick Fever/Blood Parasite Diseases का डॉक्टर-स्तरीय अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक रोग के कारण, लक्षण, रोग पहचान, Differential Diagnosis और उपचार मार्गदर्शन को व्यावहारिक और सरल बनाते है
राजस्थान सरकार ने 21 नवंबर 2025 से मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना 2025‑26 का पंजीकरण खोल दिया है। यह योजना राज्य के पशुपालकों को उनके पशुओं की प्राकृतिक या आकस्मिक मृत्यु पर अधिकतम ₹40,000 तक की निःशुल्क बीमा सहायता प्रदान करती है। अधिक जानने के लिए Read More क्लिक करें 👍👍
यह ब्लॉग पशुओं में होने वाली एक अनोखी तंत्रिकात्मक बीमारी – ट्राइजेमिनल‑मीडिएटेड हैडशेकिंग – का परिचय देता है। इसमें सिर झटकने के सामान्य कारणों से इसे अलग करके इसके प्रमुख लक्षण, संभावित कारण, निदान और प्रबंधन के तरीके सरल भाषा में समझाए गए हैं।