राजस्थान में पशुपालकों को बड़ी राहत: 28 जिलों में 197 नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र, 394 पद स्वीकृत
राजस्थान में पशुपालकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने हेतु 28 जिलों में 197 नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोलने और 394 पदों की स्वीकृति की सूचना सामने आई है। इससे गाँव-ढाणियों तक इलाज, टीकाकरण और आपात सेवाएँ तेज़ होने की उम्मीद है।
राजस्थान में पशुपालकों के हित में पशु-स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। उपलब्ध जानकारी/मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश के 28 जिलों में 197 नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोलने की योजना को स्वीकृति मिली है। साथ ही इन उपकेंद्रों के संचालन हेतु 394 पदों की स्वीकृति का भी उल्लेख है।
पशुपालकों को क्या फायदा होगा?
इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु-चिकित्सा सेवाओं की पहुँच बेहतर होने की उम्मीद है, जैसे:
• पशुओं का त्वरित उपचार और प्राथमिक चिकित्सा
• टीकाकरण एवं रोग-नियंत्रण अभियान में गति
• प्रसव सहायता, परामर्श और रेफरल में आसानी
• दूर-दराज़ गांव/ढाणियों को नजदीक स्वास्थ्य सुविधा
क्यों है यह कदम महत्वपूर्ण?
कई क्षेत्रों में अभी भी पशु-चिकित्सालय/उपकेंद्र दूर होने के कारण समय पर इलाज नहीं मिल पाता। नए उपकेंद्र खुलने से पशुओं की बीमारी, आपात स्थिति और मौसमी रोगों में देरी कम होगी और पशुपालकों के खर्च व नुकसान में कमी आ सकती है।
पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
1) अपने क्षेत्र के नजदीकी पशु-चिकित्सालय/उपकेंद्र से संपर्क जानकारी अपडेट रखें।
2) टीकाकरण शेड्यूल (FMD, HS आदि) समय पर पूरा करें।
3) बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखते ही विलंब न करें—तुरंत रिपोर्ट करें।
नोट: यह सूचना सार्वजनिक स्रोतों/मीडिया रिपोर्ट्स में उपलब्ध विवरण पर आधारित है। विभाग द्वारा क्षेत्रवार सूची/आदेश जारी होने पर संबंधित जिले/ब्लॉक के अनुसार अंतिम जानकारी कन्फर्म करें।