<h2>सर्दियों में बछड़े और बकरे की अचानक मौत क्यों होती है?</h2> <p>हर साल नवंबर से फरवरी के बीच हज़ारों किसान अपने बछड़ों, कटड़ों और बकरों को अचानक खो देते हैं। जानवर खाना छोड़ देता है, पेट फुल जाता है, बार-बार करवट बदलता है और 2–3 दिन में मर जाता है। इसे किसान अक्सर ठंड, कमजोरी या किसी “अज्ञात बीमारी” का नाम दे देते हैं, जबकि असली कारण होता है – <strong>पेशाब की पथरी (Urinary Stone / Urinary Blockage)</strong>।</p> <p>यह बीमारी धीरे-धीरे जान लेती है और अधिकतर मामलों में तब तक पहचान में नहीं आती जब तक जानवर मरने के करीब न पहुँच जाए।</p>

<h2>पेशाब की पथरी क्या है?</h2> <p>जब जानवर के मूत्र मार्ग में खनिज लवण (कैल्शियम, फॉस्फोरस आदि) जमकर पत्थर का रूप ले लेते हैं और पेशाब का रास्ता बंद कर देते हैं, तब इसे पेशाब की पथरी कहते हैं। छोटे नर पशुओं (बछड़े, बकरे) में उनकी नली पतली होने के कारण यह समस्या ज्यादा तेजी से जानलेवा बनती है।</p>

<h2>यह बीमारी सर्दियों में ही क्यों बढ़ जाती है?</h2> <p>सर्दियों में पशु कम पानी पीते हैं। पानी कम होने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद खनिज जमकर पत्थर बना लेते हैं। साथ ही इस मौसम में किसान अक्सर हरा चारा कम और भूसा, चुरी, दाना ज्यादा देने लगते हैं, जिससे मिनरल बैलेंस पूरी तरह बिगड़ जाता है।</p>

<h2>किसानों की 4 आम गलतियाँ जो इस बीमारी को बुलाती हैं</h2> <ul> <li>हरा चारा कम देना</li> <li>नमक न मिलाना</li> <li>मिनरल मिक्सचर न देना</li> <li>सर्दी में ठंडा पानी ही पिलाते रहना</li> </ul>

<h2>लक्षण जिनसे तुरंत पहचान करें</h2> <ul> <li>बार-बार पेशाब की कोशिश</li> <li>सिर्फ बूंद-बूंद पेशाब आना या बिल्कुल न आना</li> <li>पेट फुलना</li> <li>लात मारना, करवट बदलना, दर्द से बेचैनी</li> <li>खाना छोड़ देना</li> </ul> <p><strong>याद रखें:</strong> यदि 24 घंटे तक पेशाब नहीं आया तो जानवर की जान गंभीर खतरे में होती है।</p>

<h2>3–5 दिन में मौत क्यों हो जाती है?</h2> <p>जब पेशाब बाहर नहीं निकलता तो मूत्राशय (ब्लैडर) अत्यधिक भर जाता है। कुछ मामलों में यह फट जाता है और ज़हरीले पदार्थ खून में मिलकर किडनी को फेल कर देते हैं। इसलिए यह बीमारी “Silent Killer” कही जाती है।</p>

<h2>100% बचाव प्रोटोकॉल (हर किसान अपनाए)</h2> <table border="1" cellpadding="6"> <tr><th>उपाय</th><th>मात्रा</th></tr> <tr><td>नमक</td><td>रोज 1% राशन में</td></tr> <tr><td>मिनरल मिक्सचर</td><td>25–40 ग्राम प्रतिदिन</td></tr> <tr><td>हरा चारा</td><td>रोज अवश्य</td></tr> <tr><td>पानी</td><td>गुनगुना, साफ और खुला</td></tr> <tr><td>अमोनियम क्लोराइड</td><td>केवल Vet की सलाह से</td></tr> </table>

<h2>इमरजेंसी में क्या करें?</h2> <p>यदि पशु पेशाब नहीं कर पा रहा है तो देरी न करें। यह मामला घर पर इलाज का नहीं है। तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें। 6–12 घंटे की देरी भी जानलेवा हो सकती है।</p>

<h2>एक छोटी सी सावधानी, एक बड़ी जान बचा सकती है</h2> <p>सर्दियों में नमक, मिनरल मिक्सचर और हरे चारे की नियमित व्यवस्था करके आप अपने बछड़े और बकरों को इस जानलेवा बीमारी से बचा सकते हैं।</p> <p><strong>याद रखें:</strong> सर्दी सिर्फ ठंड नहीं लाती — यह अनदेखी मौत भी ला सकती है।</p>