<h2>Repeat Breeder की असली जड़ और शरीर की तैयारी</h2>
<p><strong>(BCS, पोषण और सिस्टम की समझ)</strong></p>
<h2>भूमिका : Repeat Breeder को गलत तरीके से समझने की भूल</h2>
<p>गाँवों में जब कोई गाय या भैंस दो–तीन बार गर्भाधान के बाद भी गर्भ न ठहरे, तो सबसे पहले जो शब्द निकलता है वह होता है — <strong>“Repeat Breeder”</strong>।</p>
<p>इसके बाद जो सबसे बड़ी गलती होती है, वह यह कि Repeat Breeder को <strong>बीमारी</strong> मान लिया जाता है। जबकि सच्चाई यह है कि:</p>
<p><strong>Repeat Breeder कोई बीमारी नहीं, बल्कि डेयरी सिस्टम की चेतावनी है।</strong></p>
<p>यह चेतावनी बताती है कि कहीं शरीर तैयार नहीं है, कहीं पोषण अधूरा है, कहीं टाइमिंग ग़लत है, या फिर कहीं रिकॉर्ड ही नहीं रखा गया।</p>
<h2>Repeat Breeder की सही परिभाषा (किसान भाषा में)</h2>
<p>जिस गाय या भैंस को:</p>
<p><strong>✔ सही समय पर</strong><br>
<strong>✔ सही तकनीक से</strong><br>
<strong>✔ सही बीज से</strong><br>
<strong>✔ 2 या उससे अधिक बार गर्भाधान</strong> कराया गया हो,</p>
<p>और फिर भी वह गर्भधारण न करे, तो उसे Repeat Breeder कहा जाता है।</p>
<p>लेकिन यहाँ एक बात समझना ज़रूरी है:</p>
<p><strong>हर बार गर्भ न ठहरना इसका मतलब यह नहीं कि गाय में ही दोष है।</strong><br>
अक्सर दोष हमारी प्रक्रिया में होता है।</p>
<h2>किसान सबसे पहले क्या ग़लत करता है?</h2>
<p>Repeat Breeder आते ही किसान अक्सर:</p>
<p><strong>• इंजेक्शन बदलता है</strong><br>
<strong>• डॉक्टर बदलता है</strong><br>
<strong>• दवा बढ़ाता है</strong><br>
<strong>• खर्च बढ़ाता है</strong></p>
<p>लेकिन <strong>सिस्टम नहीं बदलता</strong>। यहीं से समस्या और गहरी हो जाती है।</p>
<h2>Repeat Breeder = पाँच चीज़ों का असंतुलन</h2>
<p>Repeat Breeder अधिकतर इन पाँच कारणों में छिपा होता है:</p>
<p><strong>1) Body Condition Score (शरीर की हालत)</strong><br>
<strong>2) पोषण और मिनरल संतुलन</strong><br>
<strong>3) अंदरूनी संक्रमण</strong><br>
<strong>4) हीट पहचान और टाइमिंग</strong><br>
<strong>5) Follow-up और रिकॉर्ड की कमी</strong></p>
<p>अगर इन पाँचों को एक साथ नहीं सुधारा गया, तो कोई भी इलाज स्थायी नहीं होता।</p>
<h2>STEP–1 : Body Condition Score (BCS) – असली शुरुआत</h2>
<p>Repeat Breeder सुधार का सबसे पहला और सबसे ज़रूरी चरण <strong>BCS को समझना और सुधारना</strong> है।</p>
<h2>BCS क्या है?</h2>
<p>BCS का मतलब है —</p>
<p><strong>गाय का शरीर गर्भ धारण करने की स्थिति में है या नहीं।</strong></p>
<p>यह वजन नहीं है, यह दूध की मात्रा नहीं है, यह केवल <strong>शरीर का संतुलन</strong> है।</p>
<h2>किसान को BCS क्यों समझना चाहिए?</h2>
<p>क्योंकि:</p>
<p><strong>• दुबली गाय → शरीर पहले खुद को बचाता है</strong><br>
<strong>• मोटी गाय → हार्मोन गड़बड़ा जाते हैं</strong></p>
<p>दोनों हालतों में गर्भधारण पीछे चला जाता है।</p>
<h2>Repeat Breeder में आमतौर पर क्या दिखता है?</h2>
<p><strong>• रीढ़ की हड्डी उभरी हुई</strong><br>
<strong>• पसलियाँ साफ दिखती हुई</strong><br>
<strong>• पूँछ के पास गड्ढा</strong></p>
<p>या फिर:</p>
<p><strong>• बहुत ज़्यादा चर्बी</strong><br>
<strong>• चलने में सुस्ती</strong><br>
<strong>• हीट तो आती है, पर टिकती नहीं</strong></p>
<p>दोनों ही हालत नुकसानदेह हैं।</p>
<h2>किसान खुद BCS कैसे पहचाने? (संक्षेप)</h2>
<p>यहाँ बहुत सरल नियम याद रखें:</p>
<p><strong>• रीढ़ की हड्डी हाथ में चुभे → गाय दुबली</strong><br>
<strong>• हड्डी महसूस हो, पर चुभे नहीं → गाय सही</strong><br>
<strong>• हड्डी मिले ही नहीं → गाय बहुत मोटी</strong></p>
<p><strong>आदर्श BCS = 2.75 – 3.25</strong></p>
<h2>BCS ठीक किए बिना आगे बढ़ना क्यों नुकसानदेह है?</h2>
<p>क्योंकि:</p>
<p><strong>• बिना BCS सुधारे दिया गया इंजेक्शन</strong> सिर्फ़ अस्थायी असर देता है।<br>
<strong>• गर्भ ठहर भी जाए</strong> तो शुरुआती महीनों में गिरने का जोखिम रहता है।</p>
<p><strong>शरीर तैयार हो, तभी गर्भ टिकता है।</strong></p>
<h2>STEP–2 : पोषण की भूमिका – सिर्फ़ पेट भरना काफ़ी नहीं</h2>
<p>Repeat Breeder केस में अक्सर किसान कहता है — <strong>“खाने में कोई कमी नहीं है।”</strong></p>
<p>लेकिन सच्चाई यह होती है: <strong>खाना है, पोषण नहीं।</strong></p>
<h2>पेट भरना और पोषण देना – फर्क समझिए</h2>
<p><strong>• भूसा = पेट भरता है</strong><br>
<strong>• हरा चारा = ऊर्जा देता है</strong><br>
<strong>• दाना = उत्पादन बढ़ाता है</strong><br>
<strong>• मिनरल = शरीर चलाता है</strong></p>
<p>Repeat Breeder में अक्सर <strong>मिनरल और संतुलन</strong> गायब होता है।</p>
<h2>कौन-कौन से मिनरल सबसे ज़्यादा असर डालते हैं?</h2>
<p><strong>• कैल्शियम – गर्भाशय की ताक़त</strong><br>
<strong>• फॉस्फोरस – अंडाणु की गुणवत्ता</strong><br>
<strong>• ज़िंक – हार्मोन संतुलन</strong><br>
<strong>• कॉपर – गर्भधारण की स्थिरता</strong><br>
<strong>• सेलेनियम – शुरुआती भ्रूण सुरक्षा</strong></p>
<p>इनकी कमी बाहर से साफ नहीं दिखती, लेकिन असर अंदर ही अंदर होता है।</p>
<h2>सबसे आम गलती क्या है?</h2>
<p><strong>• पड़ोसी का मिनरल देना</strong><br>
<strong>• दुकान वाले की सलाह मानना</strong><br>
<strong>• 7 दिन में असर ढूँढना</strong></p>
<p>जबकि मिनरल का असर <strong>धीरे और गहराई से</strong> होता है।</p>
<h2>सही तरीका क्या है?</h2>
<p><strong>• कम मात्रा</strong><br>
<strong>• रोज़</strong><br>
<strong>• लगातार</strong><br>
<strong>• कम से कम 30–45 दिन</strong></p>
<p>यही शरीर को फिर से संतुलन की ओर लाता है।</p>
<h2>किसान को एक बात समझनी होगी</h2>
<p>Repeat Breeder में <strong>तुरंत गर्भ ठहराना</strong> लक्ष्य नहीं होना चाहिए।</p>
<p>पहला लक्ष्य होना चाहिए:</p>
<p><strong>“शरीर को गर्भ के लायक बनाना।”</strong></p>
<h2>BLOG–3 | PART–2</h2>
<h2>Repeat Breeder सुधार का 90 दिन का पूरा Practical सिस्टम</h2>
<p><strong>(संक्रमण नियंत्रण, Heat Timing, Follow-up और गर्भधारण तक की यात्रा)</strong></p>
<h2>भूमिका : यहीं से असली फर्क पड़ता है</h2>
<p>PART–1 में हमने समझा कि Repeat Breeder की जड़ शरीर की तैयारी, BCS और पोषण में छिपी होती है।</p>
<p>लेकिन केवल शरीर तैयार कर देना काफ़ी नहीं है। अगर इसके बाद भी:</p>
<p><strong>• संक्रमण को नज़रअंदाज़ किया जाए</strong><br>
<strong>• Heat को ग़लत समय पर पकड़ा जाए</strong><br>
<strong>• AI के बाद कोई Follow-up न हो</strong></p>
<p>तो महीनों की मेहनत एक बार की गलती में ज़ाया हो जाती है।</p>
<h2>STEP–3 : अंदरूनी संक्रमण की पहचान और नियंत्रण</h2>
<h2>हर Repeat Breeder में संक्रमण होता है — यह सच नहीं है</h2>
<p>लेकिन यह सच है कि:</p>
<p><strong>हर अंदरूनी संक्रमण Repeat Breeding को जन्म दे सकता है।</strong></p>
<p>समस्या यह है कि अधिकतर संक्रमण <strong>बिना तेज़ लक्षणों</strong> के होते हैं, इसलिए किसान उन्हें पहचान नहीं पाता।</p>
<h2>संक्रमण के सामान्य संकेत</h2>
<p><strong>• बार-बार हीट में आना</strong><br>
<strong>• गर्भाधान के बाद बेचैनी</strong><br>
<strong>• हल्का लेकिन बदबूदार डिस्चार्ज</strong><br>
<strong>• AI के 15–20 दिन बाद दुबारा लक्षण</strong></p>
<h2>सबसे बड़ी गलती</h2>
<p>हर Repeat Breeder में सीधे:</p>
<p><strong>• Uterine wash</strong><br>
<strong>• Antibiotic injection</strong><br>
<strong>• हार्मोन का प्रयोग</strong></p>
<p>कर देना।</p>
<p>याद रखें:</p>
<p><strong>बिना ज़रूरत दिया गया इलाज, गर्भधारण को और पीछे धकेल देता है।</strong></p>
<h2>सही सोच क्या होनी चाहिए?</h2>
<p><strong>पहले मूल्यांकन → फिर निर्णय → फिर सीमित उपचार</strong></p>
<p>हर बार दवा नहीं, कई बार सिर्फ़ <strong>समय और सफ़ाई</strong> ही काफ़ी होती है।</p>
<h2>STEP–4 : Heat Detection – सबसे ज़्यादा होने वाली गलती</h2>
<h2>Repeat Breeder का सबसे आम कारण</h2>
<p><strong>गलत समय पर गर्भाधान</strong></p>
<p>किसान अक्सर कहता है:</p>
<p><strong>“हीट तो आई थी, फिर भी गर्भ नहीं ठहरा।”</strong></p>
<p>असल सवाल यह नहीं है कि हीट आई या नहीं, सवाल यह है कि:</p>
<p><strong>क्या गर्भाधान सही समय पर हुआ?</strong></p>
<h2>Heat को सही तरीके से कैसे पहचानें?</h2>
<p>सिर्फ़ खड़े होने को ही Heat न मानें। ये सहायक संकेत भी देखें:</p>
<p><strong>• बार-बार रंभाना</strong><br>
<strong>• दूसरे पशुओं पर चढ़ने की कोशिश</strong><br>
<strong>• दूध उत्पादन में अस्थायी कमी</strong><br>
<strong>• पूँछ उठाकर रखना</strong></p>
<h2>सही Timing का नियम (किसान भाषा में)</h2>
<p><strong>सुबह हीट दिखे → शाम को गर्भाधान</strong><br>
<strong>शाम हीट दिखे → अगली सुबह गर्भाधान</strong></p>
<p>यानी Heat दिखने के <strong>12–18 घंटे के भीतर</strong>।</p>
<h2>Repeat Breeder में Timing क्यों और ज़्यादा ज़रूरी है?</h2>
<p>क्योंकि ऐसे पशुओं में:</p>
<p><strong>• अंडाणु जल्दी बूढ़ा होता है</strong><br>
<strong>• हार्मोन की खिड़की छोटी होती है</strong></p>
<p>थोड़ी सी देर = पूरा चक्र बेकार।</p>
<h2>STEP–5 : Follow-up सिस्टम – जो सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ होता है</h2>
<h2>AI के बाद किसान क्या करता है?</h2>
<p>अक्सर जवाब होता है:</p>
<p><strong>“अब भगवान भरोसे।”</strong></p>
<p>यहीं Repeat Breeding दोबारा जन्म लेती है।</p>
<h2>Follow-up क्यों ज़रूरी है?</h2>
<p>क्योंकि गर्भधारण एक घटना नहीं, <strong>एक प्रक्रिया</strong> है।</p>
<h2>Follow-up का सरल देसी सिस्टम</h2>
<p><strong>• AI के 21–24 दिन बाद Heat निरीक्षण</strong><br>
<strong>• कोई लक्षण दिखे तो नोट करें</strong><br>
<strong>• 45–60 दिन पर गर्भ पुष्टि</strong></p>
<h2>रिकॉर्ड न रखने का नुकसान</h2>
<p><strong>• बार-बार ग़लत समय पर AI</strong><br>
<strong>• खर्च बढ़ना</strong><br>
<strong>• मानसिक थकान</strong></p>
<h2>रिकॉर्ड रखने का फ़ायदा</h2>
<p><strong>• अगली Heat का अनुमान</strong><br>
<strong>• सही निर्णय</strong><br>
<strong>• कम खर्च, ज़्यादा सफलता</strong></p>
<h2>90 दिन बाद क्या बदलाव दिखता है?</h2>
<p>इस पूरे सिस्टम को अपनाने पर:</p>
<p><strong>• 60–70% Repeat Breeder सुधरते हैं</strong><br>
<strong>• इंजेक्शन पर निर्भरता घटती है</strong><br>
<strong>• गर्भधारण टिकाऊ होता है</strong><br>
<strong>• किसान का आत्मविश्वास लौटता है</strong></p>
<h2>सबसे ज़रूरी बात</h2>
<p><strong>Repeat Breeder कोई एक बीमारी नहीं है।</strong></p>
<p>यह शरीर, पोषण, समय और प्रबंधन का सामूहिक संकेत है।</p>
<p>जब किसान सिस्टम बनाता है, तो:</p>
<p><strong>शरीर रास्ता ढूँढ लेता है।</strong></p>
<h2>पूरा 90 दिन का मॉडल एक पंक्ति में</h2>
<p><strong>पहले शरीर तैयार → फिर संतुलन → फिर सही समय → फिर निगरानी</strong></p>
<h2>निष्कर्ष</h2>
<p>Repeat Breeder को इंजेक्शन से नहीं, <strong>समझ से</strong> सुधारा जाता है।</p>
<p>और जब समझ किसान के हाथ में आ जाती है, तब डेयरी सच में लाभ का काम बनती है।</p>
<hr>
<h2>लेखक परिचय</h2>
<p><strong>डॉ. मुकेश स्वामी</strong></p>
<p>
Senior Veterinary Officer (Voluntary Retired) | RVC No. 2139<br>
पशुपालन, प्रजनन प्रबंधन (Breeding Management), डेयरी सलाह एवं किसान प्रशिक्षण में दीर्घ अनुभव।
</p>
<p>
यह लेख खेत-स्तर के अनुभव और व्यावहारिक प्रबंधन पर आधारित है, ताकि किसान भाई-बहन Repeat Breeder जैसी समस्याओं को केवल “दवा” से नहीं,
बल्कि <strong>BCS, पोषण, सही समय (Heat Timing) और Follow-up</strong> के जरिए स्थायी रूप से सुधार सकें।
</p>
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<p><em>— डॉ. मुकेश स्वामी</em></p>