सर्दियों में भैंस दूध देना क्यों अचानक कम कर देती है? 7 दिनों में दुग्ध उत्पादन कैसे वापस बढ़ाएं
सर्दियों में ठंड के कारण भैंसों का दूध कम हो जाता है। जानिए 7 दिन का वैज्ञानिक और देसी प्रोटोकॉल जिससे दूध फिर बढ़ाया जा सकता है।
हर साल सर्दी शुरू होते ही हजारों पशुपालक परेशान हो जाते हैं कि उनकी भैंस जो कल तक 10–12 लीटर दूध दे रही थी, वह अचानक 6–7 लीटर पर क्यों आ गई। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की अंदरूनी जैविक प्रतिक्रिया (Physiological Stress) है।
भैंस का शरीर ठंड में सबसे पहले अपने जीवित रहने (Survival) को प्राथमिकता देता है, दूध को नहीं। इसलिए शरीर दूध बनाने की ऊर्जा को शरीर को गर्म रखने में लगा देता है।
कारण 1 – ठंड में रूमेन स्लो हो जाना
भैंस के पेट का पहला भाग (Rumen) ठंड में सुस्त हो जाता है। इससे चारा सही तरीके से नहीं पचता, ऊर्जा कम बनती है और दूध घटता है।
पहचान: भैंस सुस्त, जुगाली कम, गोबर कड़ा, पेट थोड़ा बैठा हुआ।
कारण 2 – ठंडा पानी पीने से मेटाबोलिज्म गिरना
सर्दियों में भैंस बहुत ठंडा पानी पीती है, जिससे उसका शरीर अंदर से ठंडा हो जाता है। शरीर अपनी सारी ऊर्जा खुद को गर्म रखने में लगा देता है — दूध बनना रुक जाता है।
कारण 3 – मिनरल की गुप्त कमी
भैंस दिखने में ठीक होती है लेकिन अंदर से जिंक, कॉपर, कोबाल्ट और फॉस्फोरस की भारी कमी हो जाती है। यह सीधे दूध पर असर डालती है।
कारण 4 – हॉर्मोनल असंतुलन
ठंड में मेलाटोनिन और कोर्टिसोल बढ़ जाते हैं, जिससे दूध बनाने वाला प्रोलैक्टिन दब जाता है। यही कारण है कि दूध अचानक गिर जाता है।
कारण 5 – एनर्जी की कमी
सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में 20–25% ज्यादा ऊर्जा लगती है। अगर अतिरिक्त ऊर्जा नहीं दी गई, तो दूध घटेगा ही।
कारण 6 – सबक्लिनिकल मैस्टाइटिस
ठंड में थन की नसें सिकुड़ जाती हैं, बैक्टीरिया अंदर प्रवेश कर लेते हैं और दूध धीरे-धीरे कम होता जाता है।
7 दिन का दुग्ध-रिकवरी प्रोटोकॉल
दिन 1–3
• गुनगुना पानी पिलाएं • सुबह-शाम 100 ग्राम गुड़ + 20 ग्राम सरसों तेल • 50 ग्राम मिनरल मिक्स
दिन 4–7
• खली 1 किलो • चोकर 1 किलो • हरा चारा + सूखा चारा बराबर • सप्ताह में 2 बार यीस्ट प्रॉबायोटिक
कब डॉक्टर बुलाएं?
• 7 दिन में सुधार नहीं • थन गरम/सख्त • दूध में पानी या गांठ
निष्कर्ष
अगर समय रहते पोषण और देखभाल सुधार ली जाए तो सर्दियों में भी भैंस का दूध वापस पहले जैसा लाया जा सकता है।