रिपीट ब्रीडर समस्या को हल करना | एक 90-दिवसीय व्यावहारिक डेयरी मॉडल
Repeat Breeder कोई बीमारी नहीं, बल्कि डेयरी सिस्टम की समस्या है। इस लेख में गाय-भैंस की Repeat Breeder समस्या के लिए 90 दिन का व्यावहारिक समाधान जानें — BCS, पोषण, Heat Timing, संक्रमण नियंत्रण और Follow-up के साथ।
Repeat Breeder की असली जड़ और शरीर की तैयारी
(BCS, पोषण और सिस्टम की समझ)
भूमिका: Repeat Breeder को गलत तरीके से समझने की भूल
गाँवों में जब कोई गाय या भैंस दो–तीन बार गर्भाधान के बाद भी गर्भधारण न करे, तो सबसे पहले जो शब्द सामने आता है वह होता है “Repeat Breeder”।
इसके बाद सबसे बड़ी गलती यह होती है कि Repeat Breeder को बीमारी मान लिया जाता है। जबकि सच्चाई यह है:
Repeat Breeder कोई बीमारी नहीं, बल्कि डेयरी सिस्टम की चेतावनी है।
यह चेतावनी बताती है कि कहीं शरीर तैयार नहीं है, कहीं पोषण अधूरा है, कहीं टाइमिंग गलत है, या फिर सही रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा।
Repeat Breeder की सही परिभाषा (किसान भाषा में)
जिस गाय या भैंस को:
✔ सही समय पर गर्भाधान
✔ सही तकनीक से
✔ अच्छी गुणवत्ता के बीज (सीमन) से
✔ दो या उससे अधिक बार
किया गया हो, और फिर भी वह गर्भधारण न करे, तो उसे Repeat Breeder कहते हैं।
लेकिन यहाँ एक बात स्पष्ट समझना ज़रूरी है:
हर बार गर्भ न ठहरना यह नहीं बताता कि दोष केवल पशु में ही है।
अक्सर दोष हमारी देखभाल, प्रबंधन और प्रक्रिया में होता है।
किसान सबसे पहले क्या गलती करता है?
Repeat Breeder का केस आते ही किसान प्रायः:
• इंजेक्शन बदल देता है
• डॉक्टर बदल देता है
• दवाइयाँ बढ़ा देता है
• खर्च बढ़ा देता है
लेकिन सिस्टम नहीं बदलता। यहीं से समस्या और गहरी हो जाती है।
Repeat Breeder = पाँच कारणों का असंतुलन
Repeat Breeder मामलों की जड़ अक्सर इन पाँच कारणों में होती है:
1) Body Condition Score (शरीर की स्थिति)
2) पोषण और मिनरल संतुलन
3) अंदरूनी संक्रमण
4) Heat पहचान और सही टाइमिंग
5) Follow-up और रिकॉर्ड की कमी
यदि इन पाँचों को एक साथ नहीं सुधारा गया, तो कोई भी इलाज स्थायी परिणाम नहीं दे सकता।
STEP–1: Body Condition Score (BCS) – असली शुरुआत
Repeat Breeder सुधार में सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है BCS को समझना और ठीक करना।
BCS क्या है?
BCS का मतलब है:
क्या पशु का शरीर गर्भधारण के लिए उपयुक्त स्थिति में है या नहीं।
यह शरीर का वजन नहीं, दूध की मात्रा नहीं, बल्कि केवल शरीर का संतुलन है।
किसान को BCS क्यों समझना चाहिए?
क्योंकि:
• बहुत दुबले पशु → शरीर पहले खुद को बचाने में लगा रहता है
• बहुत मोटे पशु → हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं
दोनों स्थितियों में गर्भधारण देर से होता है या रुक जाता है।
Repeat Breeder पशु में आम तौर पर क्या देखा जाता है?
• रीढ़ की हड्डी उभरी हुई
• पसलियाँ स्पष्ट दिखना
• पूँछ के आधार के पास गड्ढा जैसा भाग
या फिर दूसरी तरफ:
• बहुत अधिक चर्बी
• चलने-फिरने में सुस्ती
• Heat तो आती है, पर टिकती नहीं
दोनों ही स्थितियाँ नुकसानदेह हैं।
किसान BCS कैसे पहचान सकता है? (संक्षेप)
ये सरल नियम याद रखें:
• रीढ़ की हड्डी तेज/नुकीली लगे → पशु बहुत दुबला
• हड्डी महसूस हो पर चुभे नहीं → पशु सही स्थिति में
• हड्डी महसूस ही न हो → पशु बहुत मोटा
आदर्श BCS = 2.75 – 3.25
BCS ठीक किए बिना आगे बढ़ना क्यों नुकसानदेह है?
क्योंकि:
• BCS सुधारे बिना दिए गए इंजेक्शन केवल अस्थायी असर देते हैं।
• यदि गर्भ ठहर भी जाए, तो शुरुआती महीनों में गिरने का जोखिम अधिक रहता है।
गर्भधारण तभी टिकता है जब शरीर पूरी तरह तैयार हो।
STEP–2: पोषण की भूमिका – सिर्फ पेट भरना पर्याप्त नहीं
Repeat Breeder मामलों में किसान अक्सर कहता है: “खुराक में कोई कमी नहीं है।”
लेकिन वास्तविकता यह होती है: खुराक है, पर पोषण नहीं।
पेट भरना और पोषण देना – अंतर समझिए
• सूखा भूसा = पेट भरता है
• हरा चारा = ऊर्जा देता है
• दाना = उत्पादन बढ़ाता है
• मिनरल = शरीर की व्यवस्था चलाते हैं
Repeat Breeder मामलों में मिनरल और संतुलन अक्सर गायब होता है।
कौन से मिनरल सबसे अधिक असर डालते हैं?
• कैल्शियम – गर्भाशय की ताकत
• फॉस्फोरस – अंडाणु की गुणवत्ता
• जिंक – हार्मोन संतुलन
• कॉपर – गर्भ का टिकाव
• सेलेनियम – शुरुआती भ्रूण सुरक्षा
इनकी कमी बाहर से साफ दिखाई नहीं देती, लेकिन असर अंदर ही अंदर होता है।
सबसे आम गलती क्या है?
• पड़ोसी के कहने पर मिनरल देना
• दुकान वाले की बात पर बिना समझे चलना
• 7 दिन में असर की उम्मीद करना
जबकि मिनरल का असर धीरे और गहराई से होता है।
सही तरीका क्या है?
• कम मात्रा
• रोजाना
• लगातार
• कम से कम 30–45 दिन
यही तरीका शरीर को धीरे-धीरे संतुलन में लाता है।
किसान को एक बात जरूर समझनी चाहिए
Repeat Breeder मामलों में लक्ष्य तुरंत गर्भ ठहराना नहीं होना चाहिए।
पहला लक्ष्य होना चाहिए:
“शरीर को गर्भ के योग्य बनाना।”
Repeat Breeder सुधार का 90 दिन का पूरा Practical सिस्टम
(संक्रमण नियंत्रण, Heat Timing, Follow-up और गर्भधारण तक की यात्रा)
भूमिका: यहीं से असली फर्क पड़ता है
अब तक हमने समझा कि Repeat Breeder की जड़ शरीर की तैयारी, BCS और पोषण में होती है।
लेकिन केवल शरीर तैयार करना पर्याप्त नहीं। यदि इसके बाद भी:
• संक्रमण को नजरअंदाज किया जाए
• Heat को गलत समय पर पकड़ा जाए
• AI के बाद Follow-up न किया जाए
तो महीनों की मेहनत एक गलती में बर्बाद हो सकती है।
STEP–3: अंदरूनी संक्रमण की पहचान और नियंत्रण
हर Repeat Breeder में संक्रमण होता है — यह जरूरी नहीं
लेकिन यह सच है कि:
हर अंदरूनी संक्रमण Repeat Breeding की वजह बन सकता है।
समस्या यह है कि अधिकतर संक्रमण बिना स्पष्ट लक्षणों के होते हैं, इसलिए किसान उन्हें पहचान नहीं पाता।
संक्रमण के सामान्य संकेत
• बार-बार Heat में आना
• गर्भाधान के बाद बेचैनी
• हल्का लेकिन बदबूदार डिस्चार्ज
• AI के 15–20 दिन बाद लक्षण दोबारा आना
सबसे बड़ी गलती
हर Repeat Breeder केस में सीधे:
• Uterine wash
• Antibiotic injection
• Hormone treatment
बिना जांच/मूल्यांकन के कर देना।
ध्यान रखें:
बिना जरूरत का इलाज गर्भधारण को और पीछे धकेल देता है।
सही तरीका क्या होना चाहिए?
पहले मूल्यांकन → फिर निर्णय → फिर सीमित उपचार
हर बार दवा जरूरी नहीं; कई बार समय और सफाई ही पर्याप्त होती है।
STEP–4: Heat Detection – सबसे ज्यादा होने वाली गलती
Repeat Breeder का सबसे आम कारण
गलत समय पर गर्भाधान
किसान अक्सर कहता है:
“Heat तो आई थी, फिर भी गर्भ नहीं ठहरा।”
असल सवाल यह नहीं कि Heat आई या नहीं, बल्कि यह है:
क्या गर्भाधान सही समय पर हुआ?
Heat को सही तरीके से कैसे पहचानें?
सिर्फ “खड़े होने” को ही Heat न मानें। ये सहायक संकेत भी देखें:
• बार-बार रंभाना
• दूसरे पशुओं पर चढ़ने की कोशिश
• दूध में अस्थायी कमी
• पूँछ उठाकर रखना
सही Timing का नियम (किसान भाषा में)
सुबह Heat दिखे → शाम को गर्भाधान
शाम Heat दिखे → अगली सुबह गर्भाधान
अर्थात Heat दिखने के 12–18 घंटे के भीतर।
Repeat Breeder में Timing और ज्यादा जरूरी क्यों?
क्योंकि ऐसे पशुओं में:
• अंडाणु जल्दी बूढ़ा हो जाता है
• हार्मोन की “खिड़की” छोटी होती है
थोड़ी सी देर = पूरा चक्र बेकार।
STEP–5: Follow-up सिस्टम – जिसे सबसे ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है
AI के बाद किसान क्या करता है?
अक्सर जवाब होता है:
“अब भगवान भरोसे।”
यहीं Repeat Breeding दोबारा जन्म लेती है।
Follow-up क्यों जरूरी है?
क्योंकि गर्भधारण कोई एक घटना नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है।
Follow-up का सरल देसी सिस्टम
• AI के 21–24 दिन बाद Heat निरीक्षण
• कोई असामान्य लक्षण दिखे तो नोट करें
• 45–60 दिन पर गर्भ की पुष्टि
रिकॉर्ड न रखने के नुकसान
• बार-बार गलत समय पर AI
• खर्च बढ़ना
• मानसिक तनाव
रिकॉर्ड रखने के फायदे
• अगली Heat का अनुमान
• बेहतर निर्णय
• कम खर्च, ज्यादा सफलता
90 दिन बाद क्या बदलाव दिखता है?
इस पूरे सिस्टम को अपनाने पर:
• 60–70% Repeat Breeder सुधरते हैं
• इंजेक्शन पर निर्भरता कम होती है
• गर्भधारण टिकाऊ होता है
• किसान का आत्मविश्वास लौटता है
सबसे महत्वपूर्ण बात
Repeat Breeder कोई एक बीमारी नहीं है।
यह शरीर की स्थिति, पोषण, सही समय और प्रबंधन का संयुक्त संकेत है।
जब किसान सिस्टम बनाता है, तो:
शरीर अपना रास्ता खुद खोज लेता है।
पूरे 90 दिन के मॉडल का सार एक पंक्ति में
पहले शरीर तैयार → फिर संतुलन → फिर सही समय → फिर निगरानी
निष्कर्ष
Repeat Breeder की समस्या इंजेक्शन से नहीं, समझ और सिस्टम से सुधरती है।
और जब यह समझ किसान के हाथ में आ जाती है, तब पशुपालन सच में लाभ का काम बनता है।
लेखक परिचय
डॉ. मुकेश स्वामी
Senior Veterinary Officer (Voluntary Retired) | RVC No. 2139
पशुपालन, प्रजनन प्रबंधन, डेयरी सलाह और किसान प्रशिक्षण में दीर्घ अनुभव।
यह लेख खेत-स्तर के अनुभव और व्यावहारिक प्रबंधन पर आधारित है, ताकि किसान भाई-बहन Repeat Breeder जैसी समस्याओं को केवल “दवा” से नहीं, बल्कि BCS, पोषण, सही Heat Timing और व्यवस्थित Follow-up के जरिए स्थायी रूप से सुधार सकें।
वेबसाइट: pashupalan.co.in
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— डॉ. मुकेश स्वामी